Jolly LLB 3 Review: जब दो ‘जॉली’ भिड़े, तो कोर्टरूम बना मनोरंजन का अखाड़ा!
‘जॉली एलएलबी 3’ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक अनुभव है। यह वो अनुभव है जो आपको कोर्टरूम की गंभीर बहसों के बीच ठहाके लगाने पर मजबूर कर देगा, और अगले ही पल किसानों की दुर्दशा पर आपकी आंखें नम कर देगा। सुभाष कपूर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह मनोरंजन और सामाजिक संदेश का संतुलन साधना बखूबी जानते हैं।
कहानी: दो जॉली, एक केस और सिस्टम से टक्कर
कहानी हमें दिल्ली ले जाती है, जहाँ दो वकील हैं, और दोनों का नाम ‘जॉली’ है। एक हैं हमारे पुराने, मेरठ वाले जॉली (अरशद वारसी), और दूसरे हैं नए, कानपुर वाले जॉली (अक्षय कुमार)। दोनों के बीच असली और नकली की जंग चल रही है।
इसी बीच, बीकानेर के एक गांव से किसानों की आत्महत्या का एक गंभीर मामला उनके सामने आता है। यह केस दोनों जॉली को एक ऐसी राह पर ले जाता है, जहाँ उन्हें न सिर्फ एक-दूसरे से, बल्कि पूरे सिस्टम से लड़ना पड़ता है।
परफॉरमेंस: जज साहब, आप तो छा गए!
अक्षय कुमार और अरशद वारसी की जुगलबंदी फिल्म की जान है। उनकी कॉमिक टाइमिंग इतनी सटीक है कि आप हंसे बिना नहीं रह सकते। दोनों ने अपने-अपने ‘जॉली’ के किरदार को पूरी ईमानदारी से जिया है।
लेकिन, जो शख्स पूरी फिल्म में अपनी छाप छोड़ जाता है, वह हैं जज सुंदर लाल त्रिपाठी, यानी हमारे प्यारे सौरभ शुक्ला। जब-जब वह स्क्रीन पर आते हैं, माहौल बदल जाता है। उनका भोलापन, उनकी झुंझलाहट, और न्याय के प्रति उनकी निष्ठा, सब कुछ लाजवाब है। वह इस फिल्म के असली शो-स्टीलर हैं।
क्या अच्छा है और क्या बेहतर हो सकता था?
फिल्म का सबसे मजबूत पक्ष इसकी स्क्रिप्ट और डायलॉग्स हैं। यह आपको हंसाते-हंसाते सिस्टम की खामियों पर तीखा प्रहार करती है। फिल्म का संदेश “खाना स्विगी-जोमैटो पर नहीं, खेतों में उगता है” दिल को छू जाता है।
यह फिल्म आपको सिर्फ मनोरंजन नहीं देती, बल्कि एक नागरिक के तौर पर आपकी जिम्मेदारियों का एहसास भी कराती है।
हालांकि, फिल्म की लंबाई थोड़ी कम की जा सकती थी। कुछ गाने कहानी की रफ्तार को धीमा करते हैं, लेकिन फिल्म का ओवरऑल इम्पैक्ट इतना मजबूत है कि ये छोटी-मोटी बातें मायने नहीं रखतीं।
अंतिम फैसला: ज़रूर देखें!
‘जॉली एलएलबी 3’ एक मस्ट-वॉच फिल्म है। यह उन दुर्लभ फिल्मों में से है जो बॉक्स ऑफिस पर कमाई के साथ-साथ दर्शकों के दिलों पर भी राज करती है। अगर आप एक ऐसी फिल्म देखना चाहते हैं जो आपको हंसाए, रुलाए और सोचने पर मजबूर करे, तो अपने परिवार के साथ इस वीकेंड ‘जॉली एलएलबी 3’ देखने ज़रूर जाएं।
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