Kis Kisko Pyaar Karoon 2 Review: कपिल शर्मा की सबसे बड़ी गलती, थिएटर में दर्शक ढूंढने से भी नहीं मिले, पूरी तरह डिजास्टर!

Kis Kisko Pyaar Karoon 2 Review: कपिल शर्मा की सबसे बड़ी गलती, थिएटर में दर्शक ढूंढने से भी नहीं मिले, पूरी तरह डिजास्टर!

द्वारा: Fan Viral | दिनांक: 12 दिसंबर, 2025

जिस दौर में हर दूसरी फिल्म का सीक्वल बन रहा है, उसी भेड़चाल में कॉमेडी किंग कपिल शर्मा (Kapil Sharma) भी अपनी 2015 की हिट फिल्म ‘किस किसको प्यार करूं’ का दूसरा पार्ट लेकर आए हैं। लेकिन यह कहना गलत नहीं होगा कि यह फिल्म न केवल एक निराशा है, बल्कि एक पूरी तरह से डिजास्टर है। ऐसे समय में जब रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ का तूफान बॉक्स ऑफिस पर कहर बरपा रहा है, ‘किस किसको प्यार करूं 2’ को देखने के लिए थिएटर में इतने लोग भी नहीं थे, जितने किसी गली में इडली बेचने वाले के ठेले पर होते हैं।

क्यों 2015 का जादू 2025 में हुआ फेल?

जब 2015 में इस फिल्म का पहला पार्ट आया था, तब कपिल शर्मा का क्रेज आसमान पर था। ‘कॉमेडी नाइट्स विद कपिल’ की वजह से वह घर-घर में एक सुपरस्टार बन चुके थे। लोगों ने बिना दिमाग लगाए उस फिल्म को देखा और उसने भरपूर मनोरंजन भी किया। लेकिन 10 साल बाद, मेकर्स उसी पुराने और घिसे-पिटे फॉर्मूले को फिर से बेचने की कोशिश कर रहे हैं।

कहानी में ‘धर्म’ का बेतुका तड़का

पार्ट 2 की कहानी भी वही है, बस इस बार मेकर्स ने इसमें ‘धर्म’ का एक बेतुका तड़का लगा दिया है। कपिल शर्मा का किरदार अलग-अलग धर्मों की लड़कियों से शादी करता है और इसे यह कहकर सही ठहराता है कि “सभी धर्म अपने हैं।” यह कॉन्सेप्ट न केवल पुराना है, बल्कि बेहद अजीब भी लगता है। फिल्म का पहला हाफ कुछ क्रिंज और कुछ हल्के-फुल्के पलों के साथ किसी तरह निकल जाता है, लेकिन असली टॉर्चर सेकंड हाफ में शुरू होता है। फिल्म अचानक कॉमेडी से इमोशन और फिर सोशल मैसेज पर कूदने लगती है, जो दर्शकों को बुरी तरह कंफ्यूज और बोर कर देता है।

कमजोर राइटिंग और B-Grade प्रोडक्शन

कपिल शर्मा का कॉमेडी का स्टैंडर्ड बहुत ऊंचा है, लेकिन इस फिल्म की राइटिंग इतनी घटिया है कि यह उनके टैलेंट को बर्बाद कर देती है। फिल्म में ऐसे जोक्स हैं जो 2015 में भी शायद ही फनी लगते। ऐसा लगता है कि डायरेक्टर अब्बास-मस्तान अभी भी उसी पुराने दशक में जी रहे हैं। फिल्म में कपिल का किरदार अपनी कई शादियों को ‘मजबूरी’ बताता है, जिस पर हंसी नहीं बल्कि गुस्सा आता है।

प्रोडक्शन के मामले में भी फिल्म बेहद कमजोर है। सिनेमेटोग्राफी किसी B-ग्रेड फिल्म की तरह लगती है। फिल्म के गाने इतने बेतुके हैं कि वे गांव में ट्रैक्टर पर बजने वाले गानों की याद दिलाते हैं। हनी सिंह का एक गाना फिल्म में है, जिसके लिरिक्स सुनकर थिएटर में बैठे दो-चार लोग भी बाहर भाग गए।

परफॉर्मेंस: कपिल ठीक-ठाक, बाकी सब डिजास्टर

परफॉर्मेंस की बात करें तो कपिल शर्मा ने न कुछ बहुत अच्छा किया है और न ही बहुत खराब। वह अपने किरदार में ठीक-ठाक लगते हैं। फिल्म में चार हीरोइनें हैं, जिनके बारे में बस इतना ही कहा जा सकता है कि “जिनका काम बाहर कम बना, तो यहां हो गईं चारों जमा।”

वरीना हुसैन ने कॉमेडी को बनाया हॉरर

इनमें से आयशा खान ने फिर भी ठीक काम किया है। लेकिन वरीना हुसैन की एक्टिंग एक टॉर्चर है। जब भी वह स्क्रीन पर डायलॉग बोलती हैं, फिल्म का जॉनर कॉमेडी से हॉरर में बदल जाता है। उनकी खराब एक्टिंग फिल्म के मजे को और किरकिरा कर देती है।

हमारा फैसला: पैसे और समय की बर्बादी

कुल मिलाकर, ‘किस किसको प्यार करूं 2’ एक ऐसी फिल्म है जिसे बनाना ही नहीं चाहिए था। यह इस साल की ‘मस्ती 4’ और ‘सन ऑफ सरदार 2’ जैसी फिल्मों से थोड़ी बेहतर हो सकती है, लेकिन फिर भी यह एक गैर-जरूरी फिल्म है। आज के समय में दर्शक ऐसी फिल्मों से बहुत आगे निकल चुके हैं।

कपिल शर्मा जैसे टैलेंटेड कॉमेडियन को यह समझना होगा कि अब पुरानी दोस्ती-यारी में बनी फिल्में काम नहीं करेंगी। उन्हें नए और प्रतिभाशाली डायरेक्टर्स के साथ काम करने की जरूरत है जो उनके टैलेंट का सही इस्तेमाल कर सकें। अगर आप इस वीकेंड कॉमेडी के मूड में हैं, तो भी इस फिल्म से दूर रहें। यह आपके पैसे और समय की पूरी बर्बादी है।

WrestleKeeda रेटिंग: 1.75 / 5 स्टार

Leave a Comment