90 मिनट का हाई-वोल्टेज ड्रामा: बंद कमरों में क्या हुआ कि पाकिस्तान खेलने को हुआ राजी?

PCB झुका या ICC? पाइक्रॉफ्ट की ‘माफी’ के बाद शुरू हुआ पाक-UAE मैच

PCB झुका या ICC? पाइक्रॉफ्ट की ‘माफी’ के बाद 90 मिनट की देरी से शुरू हुआ पाक-UAE मैच

द्वारा: Fan Viral | 17 सितंबर, 2025

एशिया कप 2025 में बुधवार को क्रिकेट मैदान से ज्यादा बंद कमरों में ड्रामा देखने को मिला।

पाकिस्तान और UAE के बीच होने वाला एक महत्वपूर्ण ‘मस्ट-विन’ मुकाबला, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के बीच चले एक हाई-वोल्टेज टकराव के कारण लगभग 90 मिनट की देरी से शुरू हुआ।

दिन भर की अनिश्चितता, बॉयकॉट की धमकियों और उच्च-स्तरीय बैठकों के बाद, मैच आखिरकार तब शुरू हुआ जब PCB ने दावा किया कि विवाद के केंद्र में रहे मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट (Andy Pycroft) ने अपनी गलती के लिए माफी मांग ली है।

विवाद की शुरुआत: ‘हैंडशेक-गेट’ और पाइक्रॉफ्ट पर आरोप

इस पूरे विवाद की जड़ 14 सितंबर को भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मैच से जुड़ी है। उस मैच के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया था, जिसे “हैंडशेक-गेट” का नाम दिया गया।

PCB का आरोप है कि मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट (Andy Pycroft) ने मैच शुरू होने से पहले ही दोनों कप्तानों को बता दिया था कि टॉस के समय हैंडशेक नहीं होगा।

PCB ने इसे MCC के नियमों और “क्रिकेट की भावना” के खिलाफ बताते हुए ICC को एक सख्त पत्र लिखा और मांग की कि पाइक्रॉफ्ट को एशिया कप के बाकी मैचों से तुरंत हटा दिया जाए।

विरोध के तौर पर, पाकिस्तानी कप्तान सलमान अली आगा (Salman Ali Agha) ने मैच के बाद की प्रेजेंटेशन सेरेमनी का भी बहिष्कार किया था।

बॉयकॉट की धमकी और ICC का कड़ा रुख

जब ICC ने PCB की मांग को मानने से इनकार कर दिया, तो मामला और बिगड़ गया। PCB ने एक कड़ा रुख अपनाते हुए टूर्नामेंट से बाहर होने की धमकी दे दी।

बुधवार को मैच के दिन, स्थिति तब चरम पर पहुंच गई जब पाकिस्तान टीम को उनके निर्धारित समय (शाम 4:30 बजे) पर होटल से स्टेडियम जाने से रोक दिया गया।

इस दौरान, PCB के चेयरमैन और ACC के अध्यक्ष मोहसिन नकवी (Mohsin Naqvi) ने लाहौर में पूर्व PCB प्रमुखों रमीज राजा और नजम सेठी के साथ मिलकर आगे की रणनीति पर चर्चा की।

आखिरी मिनट का समाधान: ‘माफी’ और मैच की शुरुआत

घंटों की अनिश्चितता के बाद, शाम लगभग 5:45 बजे, मोहसिन नकवी (Mohsin Naqvi) ने घोषणा की कि टीम को स्टेडियम के लिए रवाना होने का निर्देश दे दिया गया है।

इसके तुरंत बाद, टॉस से कुछ मिनट पहले, PCB ने एक आधिकारिक बयान जारी किया जिसने सबको चौंका दिया।

बयान में कहा गया, “एंडी पाइक्रॉफ्ट ने पाकिस्तानी टीम के मैनेजर और कप्तान से माफी मांगी है… उन्होंने 14 सितंबर की घटना को ‘गलतफहमी’ का परिणाम बताया। ICC ने भी इस मामले में आचार संहिता के उल्लंघन की जांच करने की इच्छा व्यक्त की है।”

इस “माफी” के बाद ही पाकिस्तान की टीम मैदान पर उतरने को राजी हुई।

हालांकि, ICC ने पाइक्रॉफ्ट को मैच रेफरी के पद से नहीं हटाया और वह पाकिस्तान-UAE मैच में भी अपनी भूमिका निभाते रहे। इससे यह सवाल उठता है कि क्या यह PCB की एक प्रतीकात्मक जीत थी या ICC के सामने एक समझौता?

निष्कर्ष: खेल जीता, लेकिन सवाल बाकी हैं

भले ही 90 मिनट की देरी के बाद मैच शुरू हो गया और क्रिकेट फैंस ने राहत की सांस ली, लेकिन यह प्रकरण कई बड़े सवाल छोड़ गया है।

क्या एक बोर्ड के दबाव में ICC को अपने अधिकारियों पर कार्रवाई करनी चाहिए? क्या पाइक्रॉफ्ट की “माफी” सिर्फ स्थिति को शांत करने के लिए एक रणनीतिक कदम था?

इस घटना ने ICC और PCB के बीच के संबंधों में एक नई कड़वाहट घोल दी है, जिसका असर भविष्य में देखने को मिल सकता है।

फिलहाल, क्रिकेट की जीत हुई है, लेकिन बोर्डरूम की राजनीति ने यह दिखा दिया है कि खेल हमेशा मैदान पर ही नहीं खेला जाता।

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