Zimbabwe Cricket’s Revival: Lows of 2024 से Highs of 2026 तक! जानें कैसे ज़िम्बाब्वे ने फिर से खोई हुई पहचान वापस पाई।

By: Fan Viral | 25 फरवरी 2026 | Cricket Analysis

क्रिकेट की दुनिया में अक्सर हम बड़ी टीमों के दबदबे की बात करते हैं, लेकिन Zimbabwe Cricket ने पिछले दो सालों में जो वापसी की है, वह किसी चमत्कार से कम नहीं है। 2024 के निचले स्तर से उठकर 2026 के टी20 वर्ल्ड कप में अपनी धाक जमाने तक, ज़िम्बाब्वे ने अपनी खोई हुई ‘क्रिकेटिंग सोल’ को दोबारा ढूंढ लिया है। यह बदलाव केवल मैदान पर नहीं, बल्कि बोर्ड के फैसलों और खिलाड़ियों के जज्बे में भी दिखता है।

📉 पतन से पुनरुत्थान तक का सफर

दिसंबर 2023 में जब कोच डेव हॉटन (Dave Houghton) ने इस्तीफा दिया, तो उन्होंने कहा था कि टीम अब उनकी बातों को उस तरह नहीं सुन रही जैसी पहले सुनती थी। उन्होंने टीम के भले के लिए खुद को अलग कर लिया। ज़िम्बाब्वे क्रिकेट (ZC) के मैनेजिंग डायरेक्टर गिवमोर माकोनी के अनुसार, उस समय बोर्ड भारी कर्ज में डूबा था और स्टाफ ने अपनी सैलरी में 30% तक की कटौती की थी ताकि खेल को जिंदा रखा जा सके।

लेकिन आज स्थिति पूरी तरह अलग है। T20 World Cup 2026 में ज़िम्बाब्वे की जीत अब कोई तुक्का या ‘Accident’ नहीं लगती। टीम अब एक सोची-समझी रणनीति के तहत मैदान पर उतरती है। जस्टिन सैमन्स की कोचिंग ने खिलाड़ियों में वह आत्मविश्वास भरा है कि वे दुनिया की किसी भी बड़ी टीम को हरा सकते हैं।

“एक समय था जब हम बड़ी टीमों को कभी-कभी हरा देते थे, लेकिन अब यह टीम हर बार जीतने का दम रखती है। यह बदलाव रणनीति और खेल की समझ (Game Awareness) की वजह से आया है।” – डेव हॉटन

🏟️ बुनियादी ढांचे और घरेलू क्रिकेट में निवेश

ज़िम्बाब्वे की इस सफलता का बड़ा श्रेय उनके घरेलू ढांचे को जाता है। बोर्ड ने 2025 में 10 टेस्ट मैच खेलने का फैसला किया, जो किसी भी पूर्ण सदस्य देश के लिए एक बड़ी संख्या है। Cricket News Hindi के अनुसार, टेस्ट क्रिकेट पर ध्यान देने से खिलाड़ियों के तकनीकी कौशल में जबरदस्त सुधार हुआ है, जिसका फायदा उन्हें टी20 फॉर्मेट में मिल रहा है।

इसके अलावा, ताकाशिंघा क्रिकेट क्लब (Takashinga Cricket Club) जैसे केंद्रों को पुनर्जीवित किया गया है। बुलावायो और हरारे में नए हाई-परफॉर्मेंस सेंटर बनाए जा रहे हैं। ज़िम्बाब्वे अब सिर्फ अपने पुराने सितारों पर निर्भर नहीं है; ब्रायन बेनेट और डायोन मायर्स जैसे युवा खिलाड़ी अब वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना रहे हैं।

🌍 ज़िम्बाब्वे: क्रिकेट का नया पावरहाउस?

ज़िम्बाब्वे में अब क्रिकेट फुटबॉल को पछाड़कर नंबर एक खेल बनने की राह पर है। स्टेडियम हाउसफुल हो रहे हैं और ग्रामीण इलाकों में ‘कुमुशा क्रिकेट’ (Kumusha Cricket) प्रोग्राम के जरिए खेल को हर घर तक पहुँचाया जा रहा है। बोर्ड का लक्ष्य है कि वे आने वाले समय में आईसीसी की ट्रॉफियां उठाएं और सेमीफाइनल या फाइनल तक का सफर तय करें।

⭐ ज़िम्बाब्वे की वापसी के 3 मुख्य कारण

  • निस्वार्थ नेतृत्व: डेव हॉटन जैसे दिग्गजों ने अपने पद से ज्यादा टीम के भविष्य को प्राथमिकता दी।
  • कर्ज से मुक्ति: बोर्ड ने $27 मिलियन का कर्ज चुकाकर आर्थिक रूप से खुद को मजबूत किया।
  • युवा प्रतिभा: एल्टन चिगुंबुरा की देखरेख में चल रही एकेडमियों से निकल रहे वर्ल्ड-क्लास प्लेयर्स।

⚖️ निष्कर्ष: विश्व क्रिकेट के लिए अच्छी खबर

एक प्रतिस्पर्धी ज़िम्बाब्वे टीम का होना केवल उस देश के लिए नहीं, बल्कि पूरे विश्व क्रिकेट के लिए सुखद है। जिस तरह से उन्होंने 2026 वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज में प्रदर्शन किया है, उसने साबित कर दिया है कि निवेश और सही विजन हो, तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। आने वाले 50-ओवर वर्ल्ड कप में (जिसे ज़िम्बाब्वे को-होस्ट करेगा), यह टीम एक बड़ा खतरा साबित हो सकती है।

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