Jab Khuli Kitaab Movie Review: 50 साल की शादी और तलाक का ड्रामा! Dimple Kapadia और Pankaj Kapur की शानदार परफॉरमेंस।

By: Fan Viral | 6 मार्च 2026 | प्लेटफॉर्म: Zee5
★ ★ ★ ★ ☆
रेटिंग: 4/5

सौरभ शुक्ला द्वारा निर्देशित फिल्म ‘जब खुली किताब’ मानवीय कमजोरियों और रिश्तों की सच्चाई की एक गहरी दास्तां है। यह फिल्म उस वक्त शुरू होती है जब अनुसुइया (डिंपल कपाड़िया) दो साल के कोमा के बाद होश में आती है। जैसे ही वह होश में आती है, वह एक ऐसा राज खोलती है जो 48 साल पहले हुआ था। बस फिर क्या था, उनके पति गोपाल जी (पंकज कपूर) 50 साल की शादी को खत्म करने और तलाक लेने का फैसला कर लेते हैं।

🎭 डिंपल और पंकज: अदाकारी का ‘पावरहाउस’

यह पूरी फिल्म किरदारों पर टिकी है। डिंपल कपाड़िया ने साबित कर दिया है कि वह ‘बॉबी’ से लेकर ‘रूदाली’ और अब ‘जब खुली किताब’ तक, हर किरदार को जीने का हुनर जानती हैं। कोमा से जागी एक पत्नी और एक मां की बेबसी उन्होंने अपनी आंखों से बखूबी बयां की है। वहीं पंकज कपूर ने गोपाल जी के रूप में एक चिड़चिड़े लेकिन इमोशनल पति के किरदार में जान फूंक दी है।

फिल्म की जान: फिल्म में डाउन सिंड्रोम से पीड़ित पात्रों (धोलू और गुलचेर) को बहुत ही संवेदनशीलता और सकारात्मकता के साथ दिखाया गया है। यह समाज के लिए एक बड़ा और अच्छा मैसेज है।

🧐 कहानी और निर्देशन

सौरभ शुक्ला ने रिश्तों के बिखराव और ईगो (Ego) की वजह से होने वाली गलतियों को बड़ी बारीकी से पकड़ा है। फिल्म में अपारशक्ति खुराना और मानसी पारेख ने भी अपने छोटे लेकिन महत्वपूर्ण किरदारों के साथ पूरा न्याय किया है। फिल्म का अंत थोड़ा चौंकाने वाला है, जो शायद कुछ दर्शकों को पसंद आए और कुछ को नहीं, लेकिन पूरी फिल्म आपको बांधे रखती है।

📊 Jab Khuli Kitaab: Cast & Impact

कलाकारकिरदारखासियत
डिंपल कपाड़ियाअनुसुइयाबेहतरीन भावुक अभिनय
पंकज कपूरगोपाल जीतीखा और इंटेंस किरदार
अपारशक्ति खुरानाआर.के. नेगीकॉमिक रिलीफ और गंभीरता
सौरभ शुक्लानिर्देशकसंजीदा और सिंपल कहानी

वर्डिक्ट: अगर आप एक ऐसी फिल्म देखना चाहते हैं जो आपके दिल को छुए और रिश्तों के बारे में सोचने पर मजबूर कर दे, तो ‘जब खुली किताब’ आपके लिए एक मस्ट-वॉच (Must-Watch) फिल्म है।

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