The Bengal Files Review: रोंगटे खड़े कर देगी बंगाल की ये अनसुनी कहानी!
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‘द ताशकंद फाइल्स’ और ‘द कश्मीर फाइल्स’ जैसी फिल्मों के बाद, डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री (Vivek Agnihotri) एक और ऐसी कहानी लेकर आए हैं जो इतिहास के पन्नों में कहीं दब गई थी। ‘द बंगाल फाइल्स’ (The Bengal Files) 16 अगस्त, 1946 को हुए ‘डायरेक्ट एक्शन डे’ और उसके बाद बंगाल, खासकर नोआखली में हुए भयावह दंगों की हकीकत को बयां करती है।
फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती (Mithun Chakraborty), अनुपम खेर (Anupam Kher), पल्लवी जोशी (Pallavi Joshi) और दर्शन कुमार (Darshan Kumaar) जैसे मंझे हुए कलाकार हैं। आइए जानते हैं कि क्या यह फिल्म भी ‘द कश्मीर फाइल्स’ की तरह ही दर्शकों पर अपनी छाप छोड़ पाती है।
फिल्म की कहानी: दो दौर, एक दर्द
फिल्म की कहानी दो अलग-अलग टाइमलाइन में चलती है। एक कहानी 1946 के बंगाल की है, जहाँ हम डायरेक्ट एक्शन डे के दौरान हुए कत्लेआम को युवा भारती बनर्जी (सिमरत कौर रंधावा (Simratt Kaur Randhawa)) की नजरों से देखते हैं। दूसरी कहानी 2025 की है, जहाँ एक ईमानदार CBI ऑफिसर शिवा पंडित (दर्शन कुमार (Darshan Kumaar)) एक आदिवासी लड़की के लापता होने के मामले की जांच कर रहा है।
यह जांच उसे एक बूढ़ी महिला भारती बनर्जी (पल्लवी जोशी (Pallavi Joshi Agnihotri)) तक ले जाती है, जो डिमेंशिया से पीड़ित हैं और 1946 के दंगों की चश्मदीद गवाह हैं। जैसे-जैसे शिवा इस केस की परतें खोलता है, 1946 का भयावह अतीत और 2025 का खतरनाक वर्तमान एक-दूसरे से जुड़ते चले जाते हैं। फिल्म यह सवाल उठाती है कि क्या 78 साल की आजादी के बाद भी आम भारतीय सच में आजाद है?
स्टार कास्ट का दमदार प्रदर्शन
फिल्म का सबसे मजबूत पक्ष इसकी स्टार कास्ट की एक्टिंग है।
- पल्लवी जोशी और सिमरत कौर: दोनों ने भारती बनर्जी के किरदार को जिया है। पल्लवी जोशी ने एक बूढ़ी, दर्द से भरी महिला की भूमिका में जान डाल दी है, तो वहीं युवा भारती के रूप में सिमरत कौर के एक्सप्रेशन और डायलॉग डिलीवरी काबिले-तारीफ है।
- मिथुन चक्रवर्ती: एक निराश और शराबी पुलिसवाले के छोटे से रोल में भी मिथुन चक्रवर्ती अपनी छाप छोड़ते हैं।
- दर्शन कुमार: एक ईमानदार CBI ऑफिसर के रूप में दर्शन कुमार का काम अच्छा है, लेकिन कुछ हाई-वोल्टेज सीन में वे थोड़े कमजोर लगते हैं।
- अनुपम खेर और अन्य: अनुपम खेर ने गांधीजी के किरदार को प्रभावी ढंग से निभाया है। जिन्ना के रोल में राजेश खेरा (Rajesh Khera) और विलेन गुलाम के रोल में नमाशी चक्रवर्ती (Namashi Chakraborty) भी दमदार लगे हैं।
डायरेक्शन और तकनीकी पक्ष
विवेक अग्निहोत्री (Vivek Agnihotri) का डायरेक्शन बोल्ड और सीधा है। वह बिना किसी लाग-लपेट के सच को पर्दे पर दिखाते हैं। दंगों के सीन इतने क्रूर और वास्तविक लगते हैं कि वे आपको झकझोर कर रख देते हैं। फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर और सिनेमैटोग्राफी शानदार है, जो कहानी के इमोशन को और गहरा करती है।
हालांकि, फिल्म की दो बड़ी कमजोरियां हैं। पहली, इसकी लंबाई। 3 घंटे 24 मिनट की फिल्म थोड़ी खिंची हुई लगती है और इसे छोटा किया जा सकता था। दूसरी, फिल्म में हिंसा और खून-खराबा बहुत ज्यादा है, जो शायद हर तरह के दर्शक को पसंद न आए।
अंतिम फैसला: क्या आपको यह फिल्म देखनी चाहिए?
‘द बंगाल फाइल्स’ (The Bengal Files) कमजोर दिल वालों के लिए नहीं है। यह एक ऐसी फिल्म है जो आपको असहज करेगी, गुस्सा दिलाएगी और सोचने पर मजबूर करेगी। अगर आप इतिहास के उन अनछुए पन्नों को जानने का साहस रखते हैं, जिन्हें अक्सर किताबों में नहीं पढ़ाया जाता, तो आपको यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए। लेकिन अगर आप बहुत ज्यादा हिंसा और खून-खराबा नहीं देख सकते, तो इससे दूर रहना ही बेहतर होगा।
WrestleKeeda रेटिंग: ★★★★☆ (4/5 स्टार)
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